पुन: जोड़ा गया दुसरा तोरण और उसके पीछे दिखता पहला तोरण। < पूर्व---------------वापसवडनगर >
सन २००६ में पहले तोरण के पीछे पुन:निर्माणाधीन दुसरा तोरण। < पूर्व --------------- अगला >
करीबएकसौसालपहलेदुसरातोरण, जोकिदोतोरणमेंज्यादासुंदरहै, वडोदराकेतत्कालिनमहाराजासयाजीरावके आदेश परवडोदरालेजानेकेलिएनीचेउतारदियागयाथा। जब वडनगर के लोगों ने इस का डट कर विरोध किया, तो यह योजना छोड़ दी गई। लेकिन, यह तोरण के नीचे उतार दिए गए अलग अलग हिस्से पहले तोरण के नजदीक वैसे ही छोड़ दिए गए। समय के जाते इस तोरण के उपर के हिस्से की कई सुंदर प्रतिमाए चोरी हो गई। सन २००७ में भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ऐ. एस. आई.) ने इस तोरण का पुन:निर्माण किया। अब पुन: खडा किया गया यह तोरण अभूतपूर्व दृश्य पेश करता है।